:: थायराइड कि पुरी जानकारी ::
शरीर में ऐसे कई बदलाव होते हैं जिनको हम पहले तो हल्के में लेते हैं और बाद में यह हमारी लिए किसी गंभीर रोग का संकेत निकलते हैं, जैसे थाइरॉइड को ही ले लिया जाए। थायरॉइड की समस्या भी कुछ ऐसी ही है। जो सामान्य शारीरिक समस्या से इस गम्भीर बीमारी तक पहुंचा देती हैं और हम इसे समझ पाए तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। अक्सर थाइरॉइड के लक्षणों को हम शुरुआती दौर में भांप ही नहीं पाते हैं और बाद में इसके लक्षणों की अनदेखी हमें हाइपोथाइरॉइड या हाइपरथाइरॉइड की स्थिति तक पहुंचा देती है। थाइरॉइड हमारे शरीर में मौजूद ऐसी ग्रंथि है जो मेटाबॉलिज्म में मदद करती है। इसमें मौजूद हार्मोन टी3, टी4 और टीएसएच का स्तर कम या ज्यादा होने से समस्या होती है !
थायराइड हमारे गले में पाई जाने वाली ग्रंथि है जिसके बढ़ जाने से ये समस्या होती है। थायराइड का काम है की वो आयोडीन का उपयोग करके जरूरी थायराइड हार्मोन बनाये और हमारे शरीर के सारे हिस्सों में पहुचाये लेकिन जब यह जरूरत से ज्यादा हार्मोन बनाने लगे तभी यह समस्या होती है।
यह रोग महिलाओं में समय के साथ अधिक बढ़ता हैं। कुछ महिलाओं को पता नहीं होता की वो थायराइड का शिकार हो चुकी हैं क्योकि उन्हें इसके लक्षण समझ में ही नहीं आते। दोस्तो थायराइड ग्रंथि में होने वाले इस समस्या के लक्षण और उसके उपाय जानने से पहले यह जान लेते है कि थायराइड ग्रंथि क्या है।
थायराइड ग्रंथि शरीर के महत्वपूर्ण हिस्सो में से एक है। थायराइड ग्रंथि शरीर के दूसरे हिस्सो को सही से काम करने का काम करती है। इसके लिए थायराइड ग्रंथि थायराइड आयोडीन बनाती है और जब यह थायराइड ग्रंथि जरूरत से अधिक या कम थायराइड आयोडीन बनाने लगती है, तब थायराइड में खराबी आ जाती है और हमें थायराइड का इलाज कराना पड़ता है।
थायराइड मुख्य रूप से दो प्रकार के होते है
• हाइपो-थायरोइडिस्म
हाइपो-थायरोइडिस्म थायराइड में व्यक्ति के अंदर थायरोक्सिन हॉर्मोन की कमी होने लगती है।
• हाइपर-थायरोइडिस्म
हाइपर-थायरोइडिस्म में शरीर में थायरोक्सिन हॉर्मोन तेजी से बढ़ने लगती है।
थायराइड के कारण
• शरीर में आयोडीन की मात्रा कम या अधिक होने पर भी थायराइड की समस्या हो जाती है।
• प्रदुषण के कारण भी थायराइड की बीमारी हो जाती है। गन्दगी और प्रदुषण के कारण हवा के माध्यम से विषैले जीवाणु हमारी थायराइड ग्रंथि को नुकसान भी पहुँचाते है।
• दवाइयों के अधिक इस्तेमाल और दवाइयों के साइड इफ़ेक्ट से भी आपको थायराइड की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
• थायराइड की बीमारी हेरेडितरी भी होते है। इसका मतलब है, कि अगर आपके परिवार में किसी को ये बीमारी है, तब भी आपको ये बीमारी होने के चांस है।
थायराइड का लक्षण होने पर कई सारी महिलाओं को सेक्स से बिलकुल ही रूचि कम हो जाती हैं और यहाँ तक उन्हें धीरे-धीरे सेक्स से घृणा हो जाती हैं।
आप इन लक्षणों को महसूस कर रहे हैं तो हो सकता है ये आपके लिए थाइरॉइड की समस्या का संकेत हों
1. थकान
थायराइड की समस्या के उत्पन्न होने पर सबसे पहले व्यक्ति अपने आप को थका हुआ और आलस से भरा हुआ महसूस करने लगता है। वो सुस्त ह जाता है। इसका मुख्य कारण होता है शरीर में ऊर्जा का ना बनना और शरीर में ऊर्जा ना बनने का कारण थायराइड ग्रंथि के हार्मोन ना बनने से होता है।
2. कब्ज
थायराइड से पीड़ित व्यक्तियों को पाचन तंत्र से जुडी समस्यायें होने लगती है जिसकी वजह से उन्हें खाना पचाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और जब खाना नही पचता तो उससे कब्ज की समस्या का उत्पन्न होना निश्चित होता है
3. जोड़ों में दर्द
थकान के साथ ही थायराइड के रोगियों को जोड़ों जैसे घुटनों, कमर, गर्दन में दर्द रहने लगता है। इन्हें शारीरिक के साथ साथ मानसिक समस्यायें भी उत्पन्न होने लगती है। जिनकी वजह से व्यक्ति तनाव की स्थिति में भी पहुँच जाता है।
4. रूखी त्वचा
थायराइड से परेशान लोगों की त्वचा के ऊपर वाले सेल्स की कार्य क्षमता कम होने लगती है यानी स्किन डेड होने लगती है। जिसकी वजह से उनकी त्वचा रुखी हुई, सफेद और सुखी शुष्क नजर आने लगती है। इसके साथ ही इनके शरीर पर कुछ निशान भी हो जाते है।
5. जुखाम
थायराइड का सबसे स्पष्ट लक्षण होता है जुखाम। ये कुछ सामान्य जुखाम नही होता बल्कि थोडा अलग होता है। जिससे व्यक्ति बहुत परेशान होता है और ये जल्दी से ठीक भी नही होता।
6. हेयर फॉल होनाथायराइड के खास सिम्पटम्स में से एक है हेयर फॉल होना। इस रोग में इन्हें गंजेपन तक का खतरा रहता है। इसके अलावा उनके भौहों के बाल तक झड़ने लगते है। ये स्थिति गंभीर अवस्था तक पहुँच जाती है
7. डिप्रेशन
क्योकि थायराइड की समस्या के कारण मन में चिंता और तनाव का अहम होता है तो चिंता की वजह से उत्पन्न होने वाले अन्य सबसे बड़े रोग डिप्रेशन का होना भी इसका एक लक्षण होता है। इस स्थिति में व्यक्ति का ना तो किसी कार्य में मन लगता है और ना ही उसका किसी से बाट ही करने का मन करता है। साथ ही दिमाग पर अधिक दबाव डालने से उसकी सोचने समझने और याददाश्त की क्षमता में भी कमी आ जाती है।
8. प्रतिरोधक क्षमता में कमी आना
थायरॉइड समस्या में व्यक्ति के शरीर के वाइट ब्लड सेल्स के कम होने की भी संभावना होती है। जिससे इनके शरीर को अन्य बीमारियों से संक्रमण का भी खतरा बना रहता है। साथ ही इम्यून सिस्टम के कमजोर होने की वजह से इनकी रोगों से लड़ने की क्षमता पर भी प्रभाव पड़ता है। पसीना अधिक आता है
9. खाना खाने में तकलीफ
थायराइड से पीड़ित व्यक्ति के गले में सुजन होने की वजह से उसे खाना खाते वक़्त गले में दर्द होना शुरू हो जाता है। इस वजह से ऐसे लोग सही तरह खाना नही खा पाते नतीजन पीड़ित का वजन कम होने लगता है। ऐसे लोग अच्छा खाना खाने के बाद भी पतले ही रहते है
10. हाथ पैर ठन्डे होना
ठन्डे हाथ पैर होने से हमारा मतलब रक्त स्त्राव के कम होने से या शरीर के तापमान के नीचे गिर जाने से बिलकुल नही है बल्कि इस अवस्था में पीड़ित का शरीर का तापमान तो सामान्य व्यक्ति जितना ही रहता है किन्तु फिर भी उसके हाथ पैर ठन्डे पड जाते है। हाथ पैर कांपने लगते हैं
11. वजन बढना
सबसे बड़ा लक्षण यही हैं की जब शरीर में थायराइड होता हैं तो मेटाबॉलिज्म की दर धीमी पड जाती हैं और शरीर में अतिरिक्त फैट का जमना शुरू हो जाता हैं। अधिक वजन का बढ़ना थायराइड का एक लक्षण हैं।
12. नाखून और आँखों में रूखापन
जब शरीर में थायराइड होता हैं तो हाथ पैर के नाखून शुष्क और रूखे होने लग जाते हैं और उनमे सफ़ेद लाइन पड़ने लग जाती हैं और यह जल्दी टूट जाते हैं। इसके अलावा महिला की आँखों में दर्द, खुजली और आँख का लाल पड़ने जैसी समस्या होती हैं।
13. यौन उत्तेजना खत्म होना
थायराइड का लक्षण होने पर कई सारी महिलाओं को सेक्स से बिलकुल ही रूचि कम हो जाती हैं और यहाँ तक उन्हें धीरे-धीरे सेक्स से घृणा हो जाती हैं।
14. जल्द थकान महसूस करना
जब आप कोई हल्का सा भी काम करे और आपको थकावट महसूस होने लगे तो आपको समझ जाना चाहिए की आपको थायराइड की सम्भावना हैं।
15. पीरियड्स में बदलाव
थायराइड के कारण महिलाओं को होने वाले मासिक धर्म में भी प्रभाव पड़ता हैं। जैसे सामान्य रूप से चलने वाला 28 दिन का साइकिल लगभग 40 दिन तक चल सकता हैं या फिर कम भी हो सकता हैं। ऐसा भी हो सकता हैं की आपको पीरियड्स जल्दी जल्दी आने लगे ।
थायराइड का घरेलु इलाज-
पुरूषों में आजकल थायराइड की दिक्कत बढ़ती जा रही है। थायराइड में वजन अचानक से बढ़ जाता है या कभी अचानक से कम हो जाता है। इस रोग में काफी दिक्कत होती है। आयुर्वेद में थायराइड को बढ़ने से रोकने के बेहद सफल प्रयोग बताएं गए हैं। जिनमे से ज्यादातर उपचार की वस्तुएं हमारे किचन में ही मिल जाती हैं तो आइए जानते हैं थाइरोइड से छुटकारा पाने के लिए बेस्ट घरेलू उपचार।
• अदरक
अदरक में मौजूद गुण जैसे पोटेशियम, मैग्नीश्यिम आदि थायराइड की समस्या से निजात दिलवाते हैं। अदरक में एंटी-इंफलेमेटरी गुण थायराइड को बढ़ने से रोकता है और उसकी कार्यप्रणाली में सुधार लाता है।
• दही और दूध का सेवन
दूध और दही में मौजूद कैल्शियम, मिनरल्स और विटामिन्स थायराइड से ग्रसित पुरूषों को स्वस्थ बनाए रखने का काम करते हैं। इसलिए थायराइड की समस्या वाले लोगों को दही और दूध का इस्तेमाल ज्यादा से ज्यादा करना चाहिए।
• मुलेठी लें
थायराइड के मरीजों को थकान बड़ी जल्दी लगने लगती है और वे जल्दी ही थक जाते हैं। एैसे में मुलेठी का सेवन करना बेहद फायदेमंद होता है। मुलेठी में मौजूद तत्व थायराइड ग्रंथी को संतुलित बनाते हैं। और थकान को उर्जा में बदल देते हैं। मुलेठी थायराइड में कैंसर को बढ़ने से भी रोकता है।
• गेहूं और ज्वार खाएं
गेहूं का ज्वार आयुर्वेद में थायराइड की समस्या को दूर करने का बेहतर और सरल प्राकृतिक उपाय है। इसके अलावा यह साइनस, उच्च रक्तचाप और खून की कमी जैसी समस्याओं को रोकने में भी प्रभावी रूप से काम करता है। थायराइड ग्रंथी को बढ़ने से रोकने के लिए आप गेहूं और ज्वार का सेवन कर सकते हो।
• साबुत अनाज
साबुत अनाज में फाइबर, प्रोटीन और विटामिन्स आदि भरपूर मात्रा होता है जो थायराइड को बढ़ने से रोकता है।
• लौकी
थायराइड की बीमारी से छुटकारा पाने के लिए रोजाना सुबह खाली पेट लौकी का जूस पिए। इसके बाद एक गिलास ताजे पानी में तुलसी की एक दो बून्द और कुछ मात्रा में एलोवेरा जूस डालकर पिए। अब आप आधे से एक घण्टे तक कुछ ना खाये पिए। रोजाना ऐसा करने से थायराइड की बीमारी जल्दी ठीक हो जायेगी।
• विटामिन ए
थायराइड के मरीज को अपने भोजन में विटामिन ए की मात्रा बढा देनी चाहिए। विटामिन ए थायराइड को धीरे धीरे कम करता है। गाजर और हरी पत्तेदार सब्जियों में विटामिन ए अधिक मात्रा में पाया जाता है।
• रस
जूस पीना शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है। थायराइड के मरीज को रोजाना एक गिलास ताजा मौसमी फलो का जूस पीना चाहिए।
• काली मिर्च
थायराइड को ठीक करना चाहते है, तो तुरंत काली मिर्च का सेवन शुरू करे। काली मिर्च का सेवन करने से थायराइड की बीमारी ठीक हो जाती है। काली मिर्च का सेवन आप किसी भी प्रकार से कर सकते है।
• हरा धनिया
हरे धनिये के इस्तेमाल से थायराइड को ठीक किया जा सकता है। ताजे हरे धनिये को बारीक़ पीसकर इसकी चटनी बना ले। अब इस चटनी को रोजाना एक गिलास पानी में घोलकर पिए। रोजाना पानी के साथ हरे धनिये की चटनी का सेवन करने से थायराइड धीरे धीरे कण्ट्रोल होने लगता
• आयोडीन युक्त पदार्थ लें
हाल ही में हुए नए शोध में यह बात सामने आई है कि आयोडिन में मौजूद पोषक तत्व थायराइड ग्रंथी की कार्यप्रणाली को ठीक रखता है। इसलिए आयोडीन युक्त पदार्थ ही खाएं।
• गले को दें ठंडी गर्म सेंक
थायरइड की समस्या में गले को ठंडी-गर्म सेंक देने से फायदा मिलता है। इसके लिए आप गर्म पानी को एक बोतल में भर लें और अलग से ठंडे पानी को किसी बर्तन में भर लें। ठंडे पानी में एक तौलिया भी भिगों लें।और इसे इस तरह से गर्दन की सिकाई करें। तीन मिनट गर्म पानी से सिकाई और फिर एक मिनट तक ठंण्डे पानी से सिकाई। एैसा आप तीन बार करें। और चौथी बारी में तीन मिनट ठण्डी और तीन मिनट गर्म पानी की सेंक करें। इस उपाय को आप दिन में कम से कम दो बारी जरूर करें।
इन खाद्य-पदार्थों के इस्तेमाल से बचें-
1. फैटी पदार्थ- थायराइड के मरीजों को जंक और फास्ट फूड से भी दूर ही रहना चाहिए. क्योंकि फास्ट फ़ूड थायराइड ग्रंथि को प्रभावित करते हैं. जब थायराइड का स्तर कम हो तो फैटी पदार्थ का सेवन कम करें. खराब फैट, संतृप्त फैटी एसिड में परिवर्तित हो जाता है जो बॉडी की थायराइड हारमोंस के अवशोषण करने की क्षमता को कम कर देता है. आप चिप्स बटर, पास्ता, ब्रेड, बर्गर, प्रोसस्सेस फ़ूड, पेस्ट्री, जैम आदि डेरी पदार्थो को नहीं खाना चाहिए.
2. शराब और कैफीन- शराब शरीर में थायराइड ग्रंथि और शरीर में थायराइड के स्तर दोनों को प्रभावित करता है.इसके अलावा, यह शरीर के अशोषण की किर्या को भी कम करता है. कैफीन के इस्तेमाल से थायराइड की दवाइयों का प्रभाव कम हो जाता है.
3.पत्तीदार सब्जियां- जब आप थायराइड से पीड़ित हैं तो पत्तीदार सब्जियां का सेवन कम करें. पत्तीदार सब्जियां जैसे ब्रोकली, पत्ता गोभी, पालक, शकरकंद इत्यादि में फाइबर की मात्रा बहुत होती है, इसलिए यह थायराइड हर्मोने के स्राव को प्रभावित करते है.
4. एलर्जी युक्त खाद्य पदार्थ- यदि आप किसी खाद्य सामग्री के कारण एलर्जी से पीड़ित है तो उन खाद्य पदर्थो से परहेज करें. यह हाइपरथायरायडिज्म के लक्षणों को बढ़ा सकता है. इसके अलावा यह त्वचा पर चकत्ते पेट दर्द, दस्त आदि का कारण भी बन सकता है.
थायराइड के दौरान ये खा सकते हैं-
1. आयोडीन युक्त खाना-
थायराइड पीड़ितों को खाने-पीने के में आयोडीनयुक्त खाद्यपदार्थों को शामिल करना चाहिए. यानी ऐसे खाद्य पदार्थ जिसमें आयोडीन की पचुर मात्रा में पाया जाता हो. इसका कारण ये है कि आयोडीन की मात्रा ही थायराइड की क्रियाशीलता को प्रभावित करती है. आयोडीन के लिए हम समुद्री जीवों या समुद्र से प्राप्त खाद्य पदार्थों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. मछलियों, समुद्री शैवाल और समुद्री सब्जियों में प्रचुर मात्रा में आयोडीन पाया जाता है.
2. कॉपर और आयरन-
इसके अलावा कॉपर और आयरन से युक्त आहार लेना भी थायराइड में काफी लाभदायक होता है. इससे थायराइड ग्रंथि की क्रियाशीलता में वृद्धि होती है. इसके स्त्रोत के लिए आपको काजू, बादाम और सूरजमुखी का बीज लेना चाहिए. इसमें कॉपर की प्रचुरता होती है.
3. आयरन की भूमिका-
आयरन के लिए हरी और पत्तेदार सब्जियों से बेहतर विकल्प तो हो ही नहीं सकता है. विशेष रूप से पालक में आयरन की भरपूर मात्रा पायी जाती है.
4. पनीर और हरी मिर्च-
थायराइड के मरीजों को पनीर और हरी मिर्च के साथ-साथ टमाटर का भी सेवन करना चाहिए. क्योंकि ये भी थायराइड गंथि के लिए बेहद फायदेमंद है.
5. विटामिन और मिनरल्स-
आपको अपने डाइट चार्ट में विटामिन और मिनरल्स युक्त आहार को प्राथमिकता देनी चाहिए. इससे थायराइड ग्रंथि की क्रियाशीलता में इजाफा होता है.
6. आइस क्रीम और दही-
थायराइड में कम वसायुक्त आइसक्रीम और दही का भी सेवन भी थायराइड के मरीजों के लिए काफी लाभदायक है.
7. गाय का दूध-
इसके अलावा कुछ घरेलु उपाय भी अत्यंत लाभदायक है जैसे कि गाय का दूध भी इसके मरीजों को पीना चाहिए.
8. नारियल का तेल-
नारियल के तेल से भी आप थायराइड ग्रंथि की सक्रियता बढ़ा सकते हैं. इसके उपयोग में आसान बात ये है कि इसका प्रयोग आप खाना बनाने के दौरान भी कर सकते हैं.
9. नारियल पानी
नारियल पानी भी थायराइड को कण्ट्रोल करने में सहायक है। रोजाना ना हो सके तो कम से कम एक दिन छोड़कर एक नारियल पानी जरूर पिए।
10. सोया- सोया मिल्क, टोफू या सोयाबीन में ऐसे रसायन पाए जाते हैं जो हार्मोन को सुचारू रूप से काम करने में मदद करते हैं. लेकिन इसके साथ साथ आपको आयोडीन की मात्रा को भी नियंत्रित रखना होगा.
थायराइड की समस्या से बचने के लिए योग
योगा करने से भी थायराइड की समस्या से काफी हद तक छुटकारा पाया जा सकता है क्योंकि योगा का कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं होता। योगा शरीर को हमेशा किसी ना किसी रूप में फायदा ही पहुँचाता हैं। रोज सुबह इन योगासनों को आधे या एक घंटे करने से आपको थायराइड का इलाज करने में आसानी होगी।